राजनीति

आज की राजनीति सीधी रेखा की तरह न होकर मतभेदों और विवादों के लिए उन्मुक्त मैदान की तरह है। ऐसे में राजनीतिक सोच और लीक की विभिन्न धाराओं और उनकी कारगुजारियों को समझते रहने के लिए निरंतर आ रही खबरों से रू-ब-रू रहना पड़ता है अन्यथा बहुत जरूरी सूचनाएँ भी छूट सकती हैं। प्रत्यक्ष रूप से राजनीतिक सक्रियता में न सही, फिर भी देश में मौजूद राजनीतिक झुकावों और समीकरणों की पुख्ता और सामयिक जानकारी आपमें स्वयं के राजनीतिक चिंतन को स्थिर और पैना करने का काम तो कर ही सकती है। इस खंड में आपके लिए ऐसी सूचनाएँ डाली जाती रहेंगी जो आपके राजनीतिक मतामत को निर्धारित करने में कच्चे माल का काम करेंगी और कम से कम उन बातों और दांवपेचों से अवगत कराएंगी जो मौजूदा राजनीति में चर्चा में हैं और आगे भी हो सकते हैं। कहने की बात है कि राजनीति से दूर रहो, ये गंदी कीचड़ की तरह है। राजनीति इंसान के स्वभाव में हैं, राष्ट्रीय स्तर पर न सही, हम सभी स्थानीय, पारिवेशिक, पारिवारिक अथवा व्यक्तिगत स्तर पर राजनीति करते ही हैं। इसलिए राजनीति के संदर्भ को समझ लेने की जरूरत है। एक उच्चतमस्तरीय राजनीतिक फैसला आपके व्यक्तिगत जीवन में सीधा और दूरगामी हस्तक्षेप कर सकता है। इसलिए उच्चतम राजनीतिक हलकों में क्या हो रहा है, इस पर ज़मीनी आदमी की चौकस नज़र होनी चाहिए। आप देखें और समझें कि आपके आसपास और दूर-सुदूर में क्या-क्या हो रहा है, क्योंकि तभी आप इसका अंदाज़ा कर पाएंगे कि आप अपने वाजिब सपनों से कितने पास या कितने दूर हैं। हमारे किसी भी पोस्ट पर इस खंड में आपका विचार हमारे लिए, और सभी पाठकों के लिए भी, बहुत आवश्यक ही नहीं अपितु महत्वपूर्ण भी हैं। तो आइए सार्थक विचार-विमर्श करते हैं। अक्सर देखा गया है कि एकतरफा झुकाव और उतावलापन हमारे विचारों को धूमिल कर देता है या विचारों को ठीक से रखने नहीं देता है । तो आइए शांत मन से सभी पक्षों को एक साथ देखने की कोशिश करें।

0 comments:

Post a Comment

क्या हम सही दिशा में सोच रहे हैं?

चिंतन का विषय - शुरू शुरू में जब समझदारी एक नयी-नयी चीज़ की तरह दिखायी देती थी, तब मैंने जीवन का एक कामचलाऊ प्रारूप बना लिया था, जो जीवन ...